ये है लकवा रोग का ब्रह्मस्त्र 10000000 रोगियों  पर आजमाया हुआ |

Home remedies for paralysis treatment

लकवा रोग में सिर की किसी भी एक हिस्से में खून का बहाव बंद हो जाता है सिर के जिससे हिस्से में खून का बहाव बंद हो जाता वे हिस्सा पूरी तरह निष्क्रिय हो जाता है| जिसके कारण शरीर और मस्तिषक में सुचना आदान प्रदान बंद हो जाता  है |सुचना आदान प्रदान बंद होने से रोगी के  शरीर का आधा हिस्सा कार्य  करना बंद  कर देता है |अगर स्ट्रोक हल्का हो तो  इसका असर चेहरे पे भी होता है |लकवा रोग में रोगी दुसरो पर आश्रित हो  जाता है |लकवा किसी भी उम्र में हो सकता है |ये रोग 25 की उम्र के बाद ही होता है |इस रोग में रोगी का समय पे इलाज हो तो ये रोग कुछ  दिन में पूरी तरह खत्म हो जाता है |

लकवा रोग का  कारण

-किसी भी प्रकार की दिमागी बीमारी के कारण

-ब्लड प्रेशर के कम या जादा होने से

-कोलेस्ट्रोल के कारण

-सिर या रीड की हडडी में चोट लगने से

-असंतुलित भोजन करने से

-किसी भी प्रकार का सदमा अचानक लग जाने से

-क्षमता से अधिक मात्रा में शारीरक और मानसिक मेहनत करने से

-धातुक्षिनता\खून की कमी से ,गंठिया से

-सीधे ठण्ड सहने से ,बारिस के पानी में ज्यादा रहने से

लकवा रोग का लक्षण –

  • इस रोग में सिर दर्द का होना ,चक्कर का आना ,
  • शरीर का कोई हिस्सा सुन हो जाना  और हाथ और पैरो को उठाने में दिकत आना
  • बोलते समय  अचानक मुहे का तिरछा पन महशुस होना या बोलने में दिक्कत आना
  • आँखों से धूधला दिखाई देना |
  • शरीर का कोई भाग झनझनाने  लगता है |उसमे खुजलाहट होना
  • जिस हिस्से पे लकवा होने लगता है उस हिस्से की स्पर्श शक्ति कम अथवा अधिक हो जाती है |

लकवा रोग का उपचार –

तिल का तेल –लकवे का स्ट्रोक आये तब रोगी को 100 ग्राम तिल का तेल हल्का गरम करके पिला दे और लहसुन की कलियों को खाने को दे |ये उपाय स्ट्रोक के समय करने से तुरन्त लाभ मिलता है |

अदरक –इस रोग में 5 ग्राम अदरक को बारीक़ पीसकर व काली उडद 10 ग्राम ले इस को 50 ग्राम सरसों के तेल में 5-7 मिनट तक गरम  करे 2 ग्राम कपूर को पीसकर डाल दे रोजाना सुबह इस तेल की मालिश करने से लकवा रोग खत्म हो जायेगा |

इस रोग में अदरक का पाउडर व दाल चीनी डालकर दूध को उबाल कर पीने से लकवा जल्दी ठीक होता है |

कलोंजी का तेल  – इस रोग में कलोंजी के तेल को हल्का गरम कर के सुबह शाम दोपहर में दिन में तीन बार 1 महीने तक  मालिश करने से  लकवा रोग में पूरी तरीके से लाभ मिलता है |

दूध –इस रोग में दूध में 1 चम्च सोठ और थोड़ी सी मात्रा में दाल चीनी डालकर गरम करके छान ले अब इस मिश्रण में थोडा सा शहद मिलाकर  सुबह सेवन करने से लाभ मिलता है |

इस रोग में दूध में छुहारे भिगोकर सुबह और शाम  सेवन करने से लाभ मिलता है एक बार में 4 से ज्यादा छुहारे  का उपयोग ने करे |

आक- इस रोग में आक के पतों को सरसों के तेल में  डाल कर गर्म करे जब तेल हल्का ठंडा  हो जाये  तब  इसमें   कबूतर के खून को  मिलाकर सुबह शाम मालिश करने से लाभ मिलता है |

लहसुन –इस रोग में आप को पानी के साथ लहसुन की 1 कलि को निगल ना  फिर दुसरे दिन 2 लहसुन की कलि को निगल जाये इस प्रकार आप हर दिन 1 कलि बढ़ाते हुए 21 दिन तक लहसुन की 21 कलियों को निगल ना है |21 दिन बाद 1 कलि को कम करते हुए लहसुन को कम करे लकवा पूरी तरीके से खत्म हो जायेगा |

इस रोग में 2 चम्च शहद 5 कलिया  लहसुन की पीसकर सुबह खाली पेट सेवन करने से या 5 लहसुन की कलियों को दूध में उबाल कर 1 महीने तक सेवन करने से लकवा रोग खत्म हो जायेगा |

लकवे का रामबाण  नुस्खा –

इस रोग में 1ग्राम दाल चीनी, 10 ग्राम साबुत काली मीर्च ,10 ग्राम तेज पता साबुत 10 ग्राम मगज 10 ग्राम साबुत मिश्री 10 ग्राम अखरोट की गिरी 10 ग्राम अलसी अब इस सब को बारीक़ पिस कर 10 पुडिया बनाले सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ सेवन करे इस दवाई के लेने के 1 घटे तक  चाय और पानी का भी सेवन ना करे मात्र 10 दिन तक इस दवाई  को लेने से लकवा रोग खत्म  हो जायेगा |

शुद्ध देशी घी -इस रोग में गाय के शुद्ध घी को हल्का गरम करके रोगी की नाक में 2-3 बूंदे सुबह और शाम डालने से लकवा रोग में लाभ मिलता है |इस नुस्खे का उपयोग माइग्रने की बीमारी में भी रामबाण का काम करता है |

सरसों का तेल -इस तेल को लोहे की कड़ाई डाल कर उसमे लहसुन की 1-2 कलियों को भून ले जब ये तेल ठंडा हो जाये तब बोतल में डाल ले इस तेल को सुबह और शाम लकवे वाले भाग पर मालिश करे लाभ मिलेगा |

मेधा वटी ,त्रयोदंश गुग्गुल ,शिलाजीत रसायंन और अश्वगंधा कैप्सुल ये सभी उत्पाद आपको पंसारी या पतंजलि स्टोर से ले इन सभी दूध के साथ  एक एक कर के सुबह शाम भोजन करने के बाद ले इसके सेवन से लकवा 100% खत्म हो जायेगा |

एकाग वीर रस बड़ी उम्र के लोग 10 ग्राम ले ,प्रवाल पिष्टी 2-4 ग्राम ,रस राज 1-2 ग्राम ,योगेन्द्र रस इन सब को मिलाकर 60 पुडी बना का 30 दिन तक सुबह शाम खाली पेट खिलाये लकवा रोग खत्म हो जायेगा ये सभी उत्पाद पंसारी या आयुर्वेदिक दुकान पे मिल जायेगे |

ये है लकवा रोग का ब्रह्मस्त्र

जब डॉक्टर और दवाई काम ने आये तब नागौर जिले के बूटाटी गावं में चतुर दास जी के स्थान पे जाकर 15 दिन वहा रहने से  रोगी अपने पाँव पर चलने फिरने लग  जायेगा ये प्रयोग 10000000 लकवा रोगियों  पे आजमाया हुआ है |

 

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