पिताशय (gallbladder) की पथरी को दूर करे मात्र 15 दिन में

पिताशय (gallbladder)-हमारे लीवर के नीचे पेट के दाहिनी तरफ एक छोटी सी नाशपति के समान थैली होती है इस थैली में पितरस बनता है जो हमारे आहरनाल में पहुचकर हमारे भोजन को पचाने का कार्य करता है |लेकिन कोलेस्ट्रोल की अधिकता के कारण  कोलेस्ट्रोल हमारे पितरस के साथ नहीं घुल पाता है यही कोलेस्ट्रोल धीरे धीरे पत्थर के रूप में बदलकर पित की थैली में पथरी का निर्माण करते है | पथरी का आकार तिल  के दाने से लेकर एक छोटे से बेर  जीतना  होता  है |जब भी हम मुत्र का त्याग करते है तब छोटी सी पथरी हमारे मुत्र द्वार से निकल जाती  है लेकिन जिन का आकार ककड़ (पत्थर) के समान होता है वो हमारे मूत्र मार्ग से नहीं  निकल पाती  और यही आगे जाकर हमारे पेट में तीव्र दर्द उत्पन्न करती  है | पथरी की समस्या पुरुषो के मुकाबले महिलाओ में अधिक दिखाई देती है |ये रोग 40 -50 की उम्र के बाद उत्पन होता है लेकिन बदलती जीवन शैली के कारण ये कम उम्र में भी होने लगा है |

पिताशय (gallbladder)  की पथरी का कारण –

  • मोटापा बढ़ने के कारण और मदुमेह के कारण
  • हार्मोन बढ़ाने वाली दवाइयों के सेवन से
  • अधिक मात्रा में गरिस्ट भोजन(मास .मछली) और शराब के कारण |
  • पित की थैली में बी -कोलाई नामक कीटाणु के  इन्फैक्शन के कारण
  • कब्ज और पाचन क्रिया के ख़राब होने से
  • कोलेस्ट्रोल को कम करने वाली दवाइयों के सेवन से

पिताशय (gallbladder) की पथरी के लक्षण –

  • पिताशय की पथरी में पेट के दाहिनी तरफ दर्द का उत्पन्न होता है  |
  • पिताशय की पथरी में जी मचलाना और उल्टी आना|
  • मूत्र का गहरा रंग और मिटटी के समान मल आना
  • पेट में दर्द होना और दस्त का लगना

पिताशय  (gallbladder)की पथरी का उपचार –

  1. पिताशय की पथरी में एक मूली को लेकर अंदर से खोखला कर दे उसके बाद इस मूली में बीस -बीस ग्राम गाजर और शलजम के बीजो को डालकर बेगन की तरह गर्म राख में भून ले बाद में मूली से बीज निकालकर पीस ले इस  मिश्रण को  5 -6 ग्राम की मात्रा में एक गिलास पानी के साथ रोजाना सुबह -शाम  30 दिन  तक सेवन करने से आपकी  पिताशय की पथरी मूत्रमार्ग से बाहर आजाती है |
  2. सेव इस रोग को बहुत जल्दी दूर करता है 5 दिन तक दिन में 4 -5 बार ताजा सेव के रस का सेवन करे और साथ में 3 -4 सेव को खाये छ्टे दिन आप शाम को 6 बजे  एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच सेंधा नमक डालकर पीये उसके 2 घंटे बाद 8 बजे दुबारा एक गिलास पानी में एक चम्मच सेंधा नमक डालकर पीये अब आप रात 10 बजे आधा  कप  जैतून का तेल (ओलिव आयल )या तिल का तेल और आधा कप नीबू का रस मिलाकर इस मिश्रण का सेवन करे अगले दिन सुबह स्थूल से आप की पथरी निकल जाएगी | इस विधि को करते समय छ्टे दिन शाम को भोजन नहीं करे ये नुस्खा बहुत असर कारक होने की वजह से आप इसे चिकत्सक की देखरेख में करे |
  3. आप इस रोग में 50 -60 ग्राम शलजम को बारीक़ काटकर सिलवटे या मिक्सर में अच्छे से पीसकर उसका रस निकालकर सुबह प्रतिदिन  खाली पेट पीने से पथरी छोटे छोटे टुकडो में टूटकर मूत्र के साथ कुछ ही दिनों में बाहर निकल आती है |
  4. पिताशय की पथरी के लिये आप 1-4 ग्राम की मात्रा में अजमोद के फल का चूर्ण एक गिलास पानी के साथ सुबह और शाम सेवन करने  से कुछ ही दिनों में पथरी खत्म होगी मिर्गी के रोगी और गर्भवती महिलाये इस  विधि का उपयोग नहीं करे |
  5. आप  इस रोग में चौलाई की सब्जी को दिन में 3 -4 बार सेवन करे इसके साथ 500 ग्राम बथुआ  को 700 ग्राम पानी में डालकर उबाल ले उसके बाद इस पानी को अच्छे से छानकर इसमें स्वाद अनुसार काली मिर्च और जीरा थोडा सा सेंधा नमक डालकर इस पानी का सेवन करे जब भी आप को प्यास लगे दिन में 3 -4 बार जरुर सेवन करे |
  6. पिताशय की पथरी में आधा गिलास पानी में अपमार्ग की जड़ 5 -10 ग्राम और  एक चम्मच काली मिर्च डालकर  इसका काढ़ा बनाकर 15 -50 मिलीमीटर की मात्रा में सुबह और शाम लेने से कुछ ही दिनों में  पिताशय की पथरी मूत्र मार्ग से बाहर आती है |
  7. पिताशय के पथरी में एक गिलास पानी में 4 ताजे नीबू का रस निकालकर सुबह खाली पेट  पीने से कुछ ही दिनों में आपकी पथरी  मूत्र के साथ निकल जाती है नीबू कोलेस्ट्रोल को घुलनशील बनाकर शरीर से पथरी को बाहर निकालता है |
  8. आप आधा  गिलास नाशपती के ताजे रस में आधा गिलास गर्म पानी और एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में 4 -5  बार पीने से आपकी पित की थैली साफ करके पथरी को बाहर निकालती है |आप इस रोग में ज्यादा से ज्यादा  नाशपती का सेवन करे ये रामबाण की तरह काम करती है |
  9. इस रोग में 200 ग्राम पानी में एक चम्मच मिल्क THISTLE पाउडर को  10 -15 मिनट तक अच्छे से गर्म करे 15 मिनट तक पानी को ढक्कन लगाकर रखदे  अब इस मिश्रण को छलनी से छानकर इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में तीन बार 7 दिन तक इस काढ़े का सेवन करे पथरी खत्म होगी |
  10.  एक गिलास पानी में एक चम्मच इसबगोल की भूसी को मिलाकर रात को सोते समय पीने से आपका पाचन तंत्र सही होगा और कब्ज दूर होगी इसके सेवन से आपकी पित की थैली पर दबाव कम होगा और लीवर सही तरीके से कार्य करेगा |  इसबगोल पानी सोखता है इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करे |
  11. इस रोग में आप रोजाना छाछ का सेवन दिन में दो से तीन बार करे इसके सेवन से कुछ ही दिनों में आपकी पथरी मूत्र मार्ग से बाहर आती है |आप इस रोग में सुबह खाली पेट तरबुज खाये या फिर दिन में दो से तीन बार एक गिलास तरबुज के रस का सेवन करे पथरी जल्दी खत्म होगी  |
  12. जब भी आप को पेट के दाहिनी और या पथरी वाले स्थान पर दर्द हो आप प्याज ,लहसुन ,महुआ और सहजन और सरसों के बीजो को अच्छे से पीसकर दर्द वाले स्थान पर लगाने से दर्द में राहत मिलता है |
  13. आप चाहे तो केले के तने का रस 30 मिलीलीटर ,कलमी शोरा 25 मिलीलीटर दुध में मिलाकर पीने से कुछ ही दिनों में आप की पथरी दुर होगी | इस रोग में केले के तने का रस निकालकर उसमे थोड़ी सी मात्रा में मिश्री मिलाकर पीने से कुछ ही दिनों में आप की पथरी खत्म हो जाती है |
  14. आप सूखे आवले के पाउडर को  मूली पर डालकर सुबह और शाम खाली पेट 7 -8 दिन तक सेवन करने से मूत्राशय की पथरी जल्दी बाहर आती है |
  15. थोड़े से जीरे में थोडा सा शहद मिलाकर सुबह -शाम लेने से कुछ ही दिनों में पथरी मूत्र के साथ बाहर आती है |-पथरी के रोगी टमाटर ,पालक भिंडी ,चकुंदर का सेवन नहीं करे और इन नुस्खो की सही मात्रा सही समय पर ले ये रोग शीघ्र ही दुर होगी  |-

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