हरड के 9 चमत्कारी उपयोग

Health-benefits-of-Harad

हरड उतर भारत में पाई जाने वाली एक प्रमुख आयुर्वेदिक औषधि के रूप में जानी  जाती है |हरड को हरीतकी (Terminalia Chebula )के नाम से भी जाना जाता है |हरड का  उपयोग हमारे घरेलु मशालों  भी किया जाता है दिखने में हरड काली और पीले रंग की होती है  हरड स्वाद खट्टा और मीठी  होती  है |हरड दो प्रकार की होती है छोटी हरड और बड़ी हरड  ,बड़ी हरड सखत और गुठली वाली होती है  जबकी छोटी हरड में गुठली नहीं होती है |आयुर्वेद में हरड को नस्ल के आधार पर सात भागो में बाटा गया है |हरड हमारे शरीर की सभी बीमारियों को दूर करती है |हरड त्रिफला चूर्ण का प्रमुख अंग है हरड के उपयोग से  हर्निया रोग,बवासीर ,तिल्ली रोग,प्रोस्टेट रोग ,पीलिया ,एक्जीमा ,कब्ज ,जैसी बहुत सी बीमारियों दूर होती  है |

हरड का औषधि के रूप में उपयोग –

  • हर्निया रोग -में हरड के 10 ग्राम चूर्ण में थोड़ा सा काला नमक ,हिंग2 ग्राम और 3 ग्राम अजवायन  मिलाकर चूर्ण बनाए  इस मिश्रण को    सुबह शाम एक गिलास गर्म पानी के साथ सेवन करने से  हर्निया रोग दूर होता है |
  • हरड 1 ग्राम ,सोंठ 1 ग्राम,मुलहटी 1ग्राम इन तीनो को मिक्स करके रात को सोते समय एक गिलास पानी के साथ  नित्य सेवन करने से 15 दिनों में हर्निया रोग दूर होगा |
  • तिल्ली रोग – तिल्ली  के बढ़ने पर  हरड के साथ  सरफोका की जड़ 3-6 ग्राम  की मात्रा में मिलाकर लेने से तिल्ली रोग दूर होगा |
  • प्रोस्टेट रोग -एक गिलास पानी में पिली हरड के दो टुकड़ो को छिलकों सहित 15 घंटो तक अच्छे से भीगने दे 15 घंटे बाद हरड की गुठली निकालकर छिलके को चबा -चबाकर अच्छे से खाए और ऊपर से  हरड वाले पानी को पिने से प्रोस्टेट रोग खत्म होता है | इस मिश्रण का 30 दिनों तक सेवन करने से प्रोस्टेट ग्रंथी का बढ़ना बंद होगा |
  • बवासीर रोग -हरड को पीसकर चूर्ण बनाए सुबह शाम 5 ग्राम गुड के साथ नित्य सेवन करने से बवासीर रोग दूर होता है और कब्ज में भी आराम मिलता है |
  • कब्ज रोग – हरड ,बेहड़ा,और आवंला  5 -5 ग्राम की मात्रा में  मिलाकर चूर्ण बनाए इस मिश्रण को रात को 5 ग्राम की मात्रा में  एक गिलास गर्म दूध अथवा जल के साथ सोते समय सेवन करने से कब्ज रोग दूर होता है इस मिश्रण का नित्य 15 दिनों तक सेवन अवश्य करे |
  •  आँखों के रोग -एक गिलास पानी में 10 ग्राम  हरड  के चूर्ण को रात में भिगोकर रखे सुबह इस मिश्रण को मसलकर छानकर इस जल से आँखों को धोने से आँखों की रौशनी बढ़ती है |आँखों की सभी प्रकार की बिमारिया भी दूर होती है |
  • एक्जीमा रोग – छोटी हरड को अच्छे से पीसकर उसकी राख(भस्म ) में  नारियल के तेल अथवा बकरी के दूध में  मिक्स करके लगाने से एक्जीमा रोग दूर होता है |
  • पीलिया रोग -एक गिलास पानी के साथ नित्य 5 ग्राम हरड के चूर्ण का सेवन करने से पीलिया  रोग दूर होता है |इसके उपयोग के बाद गन्ने के रस का सेवन करने से पीलिया रोग शीघ्र दूर होता है |
  • गले की खराश -हरड के काढ़े में चाशनी मिलाकर पीने से गले की खराश दूर होती है |गले के बैठने पर छोटी पीपल 5 ग्राम, बड़ी हरड 5 ग्राम की मात्रा में  लेकर अच्छे से पीसकर इस मिश्रण को 3 ग्राम की मात्रा के साथ एक गिलास जल के साथ सेवन करने से बैठा गला ठीक हो जाएगा |

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