क्यों कहा जाता है काली मिर्च को गुणों की खान

काली मिर्च –का उपयोग भारतीय भोजन में मसालों के साथ -साथ बहुत सी बीमारियों को दूर करने में भी किया जाता है |काली मिर्च की पैदावार दक्षिण भारत के केरल के वनों  में सर्वाधिक मात्रा में होती है |काली मिर्च की बेल होती है जिसकी लम्बाई 20 -25 फुट लंबी होती है |इन बेल पर पान के समान पते लगते है|इन्ही पतों के साथ बेलों पर गुच्छो के रूप में काली मिर्च की मंजिरिया लगती है |काली मिर्च स्वाद में तीखी होती है इसके तीखे पन के कारण ये बहुत ही गुणकारी होती है |काली मिर्च में प्रचुर मात्रा में आयरन ,पोटेशियम ,विटामिन c ,विटामिन डी ,जिंक ,क्रोमियम ,आदि एंटीऑक्सीडेंट सहित  अनेक तत्व पाए जाते है | काली मिर्च दो तरह की होती है सफ़ेद और काली, सर्दियों के मौसम में काली मिर्च का उपयोग खांसी ,जुखाम .और कफ को दूर करने में किया जाता है आइए  जानते है काली मिर्च का आयुर्वेद में बहुत सी बीमारियों को दूर करने मे किस प्रकार उपयोग होता है |

काली मिर्च का आयुर्वेदिक उपयोग –

रतौंधी रोग -थोड़ी सी काली मिर्च को शहद में घिसकर सुबह और शाम आँखों में काजल के समान लगाने से रतौंधी रोग दूर होता है |आँखों के सभी प्रकार के रोगों को दूर करने के लिए काली मिर्च के पाउडर में गाय का घी ,और शक्कर मिलाकर नित्य सेवन करने से आँखों की रौशनी बढती है साथ ही कुछ ही दिनों में चश्मे का नम्बर भी कम होगा |

बवासीर रोग -काली मिर्च का उपयोग बवासीर रोग को दूर करने में किया जाता है जीरा ,चीनी और काली मिर्च को अच्छे से पीसकर चूर्ण बनाकर बोतल में रखे सुबह शाम नित्य दिन में तीन बार इस चूर्ण का सेवन छाछ ,दही के साथ सेवन करने से बवासीर रोग शीघ्र दूर होगा |इस मिश्रण का  सेवन करते समय तेल व अधिक मिर्च मशालों का सेवन नहीं करे |

पाचन शक्ति बढ़ाने में -काली मिर्च का उपयोग पाचन तंत्र को ठीक करके पाचन शक्ति बढ़ाने में किया जाता है काली मिर्च में पापराइन नामक तत्व पाया जाता है जो पेट की सभी प्रकार की समस्याओं को  दूर करता  है |काली मिर्च ,पीपल जीरा सेंधा नमक और सोंठ को 10 -10 ग्राम की मात्रा में लेकर अच्छे से पीसकर चूर्ण बनाए इस चूर्ण को नित्य भोजन के बाद 3 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से पाचन तंत्र ठीक होता है |साथ ही पेट की सभी प्रकार की बीमारिया दूर होती है|

कैंसर रोग -काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है जो कैंसर रोग से लड़ते है |एक अध्ययन में पाया गया काली मिर्च ब्रेस्ट कैंसर को दूर करने का रामबाण इलाज है |काली मीर्च में पॉलीफेनाल नामक तत्व पाया जाता है जो रक्तचाप ,मधुमेह ,ह्रदय रोग को दूर करता  है |

गंठिया रोग -काली मिर्च का उपयोग गंठिया रोग को दूर करने में किया जाता है |काली मिर्च के तेल की तासीर गर्म होने के कारण इसका उपयोग सर्दियों के मौसम में हाथों और पैरों की मालिश करने  में किया जाता है काली मिर्च के तेल से शरीर में रक्त संचार बढ़ता है| गंठिया अथवा आर्थराइटिस रोग को दूर करने में इसका उपयोग किया जाता है |

माइग्रेन रोग -काली मीर्च का उपयोग माइग्रेन या आधेसिर  के दर्द को दूर करने में किया जाता है |15 ग्राम गाय के घी में 6 ग्राम काली मिर्च का पाउडर मिलाकर नित्य सुबह शाम सेवन करने से माइग्रेन रोग दूर होता है |

खांसी रोग -खांसी को दूर करने में काली मिर्च का उपयोग अधिक मात्रा में किया जाता है |10 काली मिर्च को पीसकर एक चम्मच शहद के साथ अच्छे से मिलाकर रात को सोते समय इस मिश्रण को चाटने से पुरानी खांसी भी दूर होती है |इसके सेवन के बाद कुछ भी नहीं खाए और न पिए |

बुखार -काली मीर्च का उपयोग बुखार को दूर करने में किया जाता है तुलसी के 5 पते और 7 दाने काली मीर्च और थोडा सा गिलोय का रस मिलाकर काढ़ा बनाए इस काढ़े को पीने से बुखार दूर होता है |

अस्थमा रोग -150 मिली ग्राम जल में मुठी भर सहजन की पतिया मिलाकर 5 मिनट तक अच्छे से उबालकर इस काढ़े के ठंडा होने पर इसमें एक चुटकी नमक ,थोड़ी सी काली मिर्च और स्वाद अनुसार नीबू का रस मिलाकर इस मिश्रण का नित्य सेवन करने से अस्थमा रोग दूर होता है

स्मरण शक्ति -मक्खन , काली मिर्च के चूर्ण में मिश्री मिलाकर नित्य सेवन करने से स्मरण शक्ति बढती है |और सिर के दर्द की समस्या भी दूर होती है|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *